| 1950-51 की अवधि में भारत में खाद्यान्नों का उत्पादन बढ़कर तीन गुना अधिक हो गया है फिर भी सही अर्थों में आत्मनिर्भरता, जिसका तात्पर्य है- भूख से मुक्ति, नहीं प्राप्त की जा सकी है। इसके निम्नलिखित में से कौन-से कारण है। |
| 1 हरित क्रान्ति देश के छोटे-छोटे खण्डों तक सीमित रही है। |
| 2 गरीबों की कमाई की तुलना में खाद्य के भाव बहुत अधिक हैं। |
| 3 मोटे अनाजों की तुलना में गेहूँ और धान पर अत्यधिक बल दिया गया है। |
| 4. हरित क्रान्ति के अधिकांश लाभ नकदी फसलों को ही मिले हैं, खाद्य फसलों को नहीं। |
| निम्नलिखित कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए |
A) 1, 2 और 3
B) 1, 2 और 4
C) 1, 3 और 4
D) 2, 3 और 4
Correct Answer: A
Solution :
| उत्तर-1, 2 और 3 |
| व्याख्या-कुछ अर्थशास्त्रियों के मतानुसार हरित क्रान्ति सीमित तौर पर सिर्फ विशेष क्षेत्र तथा बड़े किसानों तथा अत्यधिक जमीन वाले किसानों तक लाभ पहुंचाने में सक्षम रही तथा मोटे अनाजों के अत्यधिक उत्पादन पर जोर न देकर धान तथा गेहूँ के उत्पादन पर अत्यधिक जोर दिया। सिर्फ पंचवर्षीय योजनाओं की अवधि छोड़कर खाद्यान्न कीमतों में लगातार वृद्धि होती रही तथा निम्न वर्ग के किसान मजदूर की आय निम्न ही रही जिसके कारण ही खाद्यान्न में तीन गुना वृद्धि के बावजूद भारत सम्पूर्ण रूप से भूख से मुक्त नहीं हो सका। |
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