A) 15 किमी/सेकेंड
B) 21.2 किमी/सेकेंड
C) 7 किमी/सेकेंड
D) 11.2 किमी/सेकेंड
Correct Answer: D
Solution :
| उत्तर - 11.2 किमी/सेकेंड |
| व्याख्या - पलायन वेग वह न्यूनतम वेग होता है जिससे किसी पिंड को ऊपर की ओर फेंके जाने पर वह पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र को पार कर जाती है। पृथ्वी का पलायन वेग (11.2 किमी/सेकेंड) चंद्रमा का पलायन वेग -2.4 किमी/सेकेंड है। (चंद्रमा पर पलायन वेग से गैस के अणुओं का वेग ज्यादा होता ' है जिससे वहां वायुमंडल संभव नहीं है) पलायन वेग: वह न्यूनतम वेग जिससे किसी पिंड को पृथ्वी तल से ऊपर फेंकने पर वह पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र से बाहर निकल जाए और पृथ्वी पर कभी वापिस लौटकर न आ सके पिंड का पलायन वेग कहलाता है। पलायन वेग (ve) = \[\sqrt{2g\operatorname{Re}}\] |
| जहां पलायन वेग = (ve), पिंड का द्रव्यमान =m ve = 11.2 किमी/सेकेंड, G = 9.8 मी/सेकेंड |
| \[Re\text{ }=\text{ }6.4\text{ }\times \text{ }{{10}^{6}}\] मीटर पलायन वेग से फेंकने के लिए पिंड को दी गई गतिज ऊर्जा पलायन ऊर्जा कहलाती है। |
| पलायन ऊर्जा \[=\frac{1}{2}m{{v}^{2}}\] |
| यदि किसी पिंड को 11.2 किमी/सेकेंड के वेग से ऊपर की ओर फेंके तो पिंड पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण सीमा पर चला जाएगा और पृथ्वी तल पर वापिस कभी नही आएगा, यदि पृथ्वी तल के समीप परिक्रमा करने वाले उपग्रह का वेग कक्षीय वेग का \[\sqrt{2}\] गुना कर दिया जाए तो वह उपग्रह अपनी कक्षा को छोड़कर पलायन कर जाएगा। |
You need to login to perform this action.
You will be redirected in
3 sec