| निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- (UPSC 2002) |
| दीर्घ तरंगदैर्ध्य वाले प्रकाश का प्रकीर्णन लघु तरंगदैर्ध्य वाले प्रकाश से कहीं अधिक होता है। |
| जल में दृश्य प्रकाश की गति निर्वात में गति का 0.95 गुना होती है। |
| रेडियो तरंगे द्रुतगामी दोलायमान विद्युत धाराओं से उत्पन्न होती है। |
| (अतचालन) वाहनों की गति का पता लगाने के लिए पुलिस डॉप्लर के परावर्तित लघु रेडियो तरंग प्रभाव का उपयोग करती है। |
| इनमें से कौन -कौन से कथन सही है? |
A) 1 और 2
B) 1 और 3
C) 2 और 4
D) 3 और 4
Correct Answer: D
Solution :
| उत्तर - 3 और 4 |
| व्याख्या - रेडियो तरंगे द्रुतगामी दोलायमान विद्युत धाराओं से उत्त्पन्न होती है। दृश्य प्रकाश की भांति इन तरंगो में भी परावर्तन एवं विवर्तन का गुण पाया जाता है। इन तरंगो का उत्पादन दोलित्र विद्युत परिपथों (OEC) में होता है। और अतचालन वाहनों का पता लगाने के लिए पुलिस डॉप्लर के परावर्तित लघु रेडियो तरंग प्रभाव का प्रयोग करती है। अत: 3 और 4 कथन सही है। और कथन 1 और 2 गलत है क्योंकि दीर्घ तरंगदैर्ध्य वाले प्रकाश का प्रकीर्णन लघु तरंगदैर्ध्य वाले प्रकाश से कम होता है और जल में दृश्य प्रकाश की चाल \[=\text{ }2.25\text{ }\times \text{ }{{10}^{8}}\] मीटर/सेकेंड होती है और निर्यात में प्रकाश की गति \[=\text{ }3\text{ }\times \text{ }{{10}^{8}}\] मीटर/सेकेंड होता है। अतः स्पष्ट है कि जल में दृश्य प्रकाश की गति निर्वात में प्रकाश की गति 0.75 गुना होती है। निर्वात में प्रकाश की चाल सबसे अधिक होती है। |
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