| निम्न कथनों में विचार करें - |
| 1. रायलसीमा का पठार दक्कन के पठार का हिस्सा है। |
| 2. काठियावाड़ का पठार प्रायद्वीपीय पठार का उदाहरण है। |
| उपरोक्त में से सत्य कथनों का चुनाव करें |
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2
D) न तो 1 न ही 2
Correct Answer: C
Solution :
| उत्तर - 1 और 2 |
| व्याख्या - उपरोक्त दोनों कथन सत्य हैं। |
| दक्कन का पठार सतपुड़ा, महादेव तथा मैकाल श्रृंखला से लेकर नीलगिरी पर्वत के बीच अवस्थित है। इसकी औसत ऊंचार्इ 300-900 मी. के बीच है। इसे पुन: तीन पठारों में विभाजित किया गया है- |
| (i) महाराष्ट्र का पठार (काली मृदा) |
| (ii) आंध्र प्रदेश का पठार, जिसे आंध्राप्लेटो कहते हैं। |
| इसे 2 भागों में बांटते हैं - |
| तेलंगाना पठार (लावा पठार) |
| रायलसीमा पठार (आर्कियन चट्टानों की प्रधानता) |
| (iii) कर्नाटक का पठार |
| काठियावाड़ का पठार गुजरात राज्य में अवस्थित है। यह एक प्रायद्वीपीय पठार है, जिसकी औसत ऊंचार्इ 200-400 मी. के मध्य है।इसमें लावा चट्टानों के अतिरिक्त टशियरी काल के जलोढ संरचना के भी प्रमाण हैं । इसका ढ़ाल उत्तर से दक्षिण की तरफ है। |
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